当前位置: 5 वर्ष के बच्चों के लिए हाथ मे > मैटल बेसबॉल खेल > मैटल बेसबॉल खेल भारत में रूका ऑक्सफोर्ड की कोविड वैक्सीन AstraZeneca का क्लिनिकल ट्र
随机内容

मैटल बेसबॉल खेल भारत में रूका ऑक्सफोर्ड की कोविड वैक्सीन AstraZeneca का क्लिनिकल ट्र

时间:2020-09-15 06:50 来源:5 वर्ष के बच्चों के लिए हाथ मे 点击:173
AstraZeneca भारत में रूका ऑक्सफोर्ड की कोविड वैक्सीन AstraZeneca का क्लिनिकल ट्रायल।

AstraZeneca:  कोरोना वायरस महामारी की रोकथाम के लिए ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा तैयार किए जा रहे  कोविड -19  वैक्सीन के  ह्यूमन ट्रायल पर भारत में रोक लगा दी गयी है। भारत में इस दवा के ह्यूमन ट्रायल कर रहे सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) ने गुरुवार को ट्रायल्स रोक दिए हैं। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने एक बयान में कहा, “हम स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं और एस्ट्राजेनेका द्वारा परीक्षणों को फिर से शुरू किए जाने तक भारत में परीक्षणों को रोक रहे हैं। हम डीसीजीआई के निर्देशों का पालन कर रहे हैं और परीक्षणों को लेकर आगे कोई टिप्पणी नहीं कर पाएंगे।” (AstraZeneca) Also Read - लॉकडाउन से 78 हजार लोगों की जान बचाना हुआ मुमकिनमैटल बेसबॉल खेल, 29 लाख कोविड मामलों से बच सका भारतमैटल बेसबॉल खेल, को रोकने में मदद मिली : हर्षवर्धन

पुणे स्थित वैक्सीन निर्माता द्वारा यह घोषणा ड्रग कंट्रोल जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) वी.जी. सोमानी द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी करने के बाद की गई है। उन्होंने इस नोटिस में स्पष्टीकरण मांगा था कि जबकि रोगी की सुरक्षा के बारे में संदेह अभी तक अस्पष्ट है तो ऐसे में संस्थान ने कोविड -19 वैक्सीन उम्मीदवार के क्लीनिकल ट्रायल जारी रखने का फैसला क्यों किया। Also Read - बीएचयू के मेडिकल साइंस का दावामैटल बेसबॉल खेल, गंगाजल में मौजूद बैक्टीरिया 'बैक्टीरियोफाज' करेगा कोरोनावायरस का नाश

क्यों रोका गया भारत में एस्ट्राजेनेका का क्लिनिकल ट्रायल ?

यह नोटिस उस घटना के मद्देनजर जारी किया गया थामैटल बेसबॉल खेल, जिसमें ब्रिटेन के एक वॉलेंटियर में संदिग्ध गंभीर रिएक्शन होने की सूचना आई थी। इस वॉलेंटियर को एस्ट्राजेनेका और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय द्वारा संयुक्त रूप से विकसित किए जा रहे एक वैक्सीन उम्मीदवार कोविशिल्ड का बूस्टर डोज दिया गया था। Also Read - Covid-19 Live Updates: भारत में कोरोना के मरीजों की संख्या हुई 48मैटल बेसबॉल खेल, सरल इलेक्ट्रॉनिक खेल46,427, अब तक 79,722 लोगों की मौत

डीजीसीआई ने अपने नोटिस में लिखा, “सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया प्राइवेट लिमिटेड,मैटल बेसबॉल खेल पुणे ने अब तक केंद्रीय लाइसेंसिंग प्राधिकरण को अन्य देशों में एस्ट्राजेनेका द्वारा किए जा रहे क्लीनिकल ट्रायल रोकने के बारे में सूचित नहीं किया है। ना ही उस घटना का विश्लेषण पेश किया है, जिसमें वॉलेंटियर में गंभीर प्रतिकूल रिएक्शन हुआ है। ऐसे में फेस 2 और 3 के देश में परीक्षण जारी रखना सुरक्षा की दृष्टि से गलत है।”

डीजीसीआई ने आगे संस्थान से पूछा है कि क्यों न प्राधिकरण कोविशिल्ड के क्लीनिकल ट्रायल्स के लिए एसआईआई को दी गई अनुमति को निलंबित कर दे।

मरीज़ों की सेफ्टी के मद्देनज़र ट्रायल हुए रद्द:

नोटिस में आगे कहा गया, “उपरोक्त को मद्देनजर रखते हुए मैं, डॉ.वी.जी. सोमानी, ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया और सेंट्रल लाइसेंसिंग अथॉरिटी, आपको न्यू ड्रग्स एंड क्लिनिकल ट्रायल रूल्स, 2019 के नियम 30 के तहत कारण बताने के लिए कहते हैं कि क्यों न 2 अगस्त को आपको क्लीनिकल ट्रायल के लिए दी गई अनुमति को पेशेंट की सुरक्षा स्थापित होने तक रद्द कर दिया जाए।”

बता दें कि एसआईआई वैक्सीन परीक्षण के लिए ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के जेनर इंस्टीट्यूट का पार्टनर है। वह वर्तमान में भारत भर में 17 परीक्षण स्थलों पर इस वैक्सीन उम्मीदवार के दूसरे और तीसरे चरण के ट्रायल कर रहा है।

Published : September 10, 2020 9:49 pm | Updated:September 10, 2020 10:08 pm Read Disclaimer Comments - Join the Discussion ICMR की स्टडी के बावजूद दिल्ली में कोविड-19 मरीजों को दी जाएगी प्लाज्मा थेरेपीICMR की स्टडी के बावजूद दिल्ली में कोविड-19 मरीजों को दी जाएगी प्लाज्मा थेरेपी ICMR की स्टडी के बावजूद दिल्ली में कोविड-19 मरीजों को दी जाएगी प्लाज्मा थेरेपी अब उत्तर प्रदेश में बिना डॉक्टर की पर्ची के होगी कोविड-19 की जांच, ICMR एडवायज़री के बाद लिया गया फैसलाअब उत्तर प्रदेश में बिना डॉक्टर की पर्ची के होगी कोविड-19 की जांच, ICMR एडवायज़री के बाद लिया गया फैसला अब उत्तर प्रदेश में बिना डॉक्टर की पर्ची के होगी कोविड-19 की जांच, ICMR एडवायज़री के बाद लिया गया फैसला ,,
------分隔线----------------------------

由上内容,由5 वर्ष के बच्चों के लिए हाथ मे收集并整理。